© 2020 Penguin India
‘हे बुद्ध, मैं तुमको, धम्म को और संघ को शरणागत हूँ . . . बस, यही त्रिरत्न मेरी कुल संपदा है अन्यथा और कुछ भी नहीं है मेरे पास . . . बौद्ध धर्म के पालन के लिए किसी भी व्यक्ति को तीन बातों पर अमल करना होगा : पहली उसे सभी सिद्धांतों की जानकारी हो। दूसरी सिद्धांतों को व्यवहार में लाने के लिए रूपरेखा सामने हो। तीसरी रूपरेखा को व्यवहार में उतारने के लिए साहस, संकल्प व अनुशासन हो। यह पुस्तक पहली दो आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, जबकि तीसरी आवश्यकता को पूरा करना आप पर निर्भर है यह धम्म की पुकार थी कि धम्मचारी सुभूति के शृंखलाबद्ध प्रवचनों का अनुवाद करने का विचार मन में उठा। इसी का प्रतिफल यह पुस्तक है, जो हर किसी को धम्म पर चलने और बुद्धत्व प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगी।
Imprint: Listing
Published: Jun/2024
ISBN: 9780804858328
Length : 240 Pages
MRP : ₹250.00
Imprint: Penguin Audio
Published:
ISBN:
Imprint: Listing
Published: Jun/2024
ISBN:
Length : 240 Pages
MRP : ₹250.00
‘हे बुद्ध, मैं तुमको, धम्म को और संघ को शरणागत हूँ . . . बस, यही त्रिरत्न मेरी कुल संपदा है अन्यथा और कुछ भी नहीं है मेरे पास . . . बौद्ध धर्म के पालन के लिए किसी भी व्यक्ति को तीन बातों पर अमल करना होगा : पहली उसे सभी सिद्धांतों की जानकारी हो। दूसरी सिद्धांतों को व्यवहार में लाने के लिए रूपरेखा सामने हो। तीसरी रूपरेखा को व्यवहार में उतारने के लिए साहस, संकल्प व अनुशासन हो। यह पुस्तक पहली दो आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, जबकि तीसरी आवश्यकता को पूरा करना आप पर निर्भर है यह धम्म की पुकार थी कि धम्मचारी सुभूति के शृंखलाबद्ध प्रवचनों का अनुवाद करने का विचार मन में उठा। इसी का प्रतिफल यह पुस्तक है, जो हर किसी को धम्म पर चलने और बुद्धत्व प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगी।